WhatsApp Username Feature: भारत सरकार ने दिया 3 दिन का और समय, जानिए क्या है विवाद

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WhatsApp Username Feature: भारत सरकार ने दिया 3 दिन का और समय, जानिए क्या है पूरा मामला

मुख्य बातें (Key Highlights):

  • 3 दिन की मोहलत: भारत सरकार (MeitY) ने वॉट्सऐप को अपना जवाब दाखिल करने के लिए 3 दिन का अतिरिक्त समय दिया है।
  • रोलआउट पर रोक: वॉट्सऐप ने सरकार को भरोसा दिया है कि जब तक बातचीत पूरी नहीं होती, तब तक भारत में ‘यूज़रनेम’ फीचर लॉन्च नहीं होगा।
  • सरकार की चिंता: सरकार को डर है कि बिना फोन नंबर वाले इस फीचर से ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे क्राइम बढ़ सकते हैं।

क्या आप भी वॉट्सऐप पर बिना अपना मोबाइल नंबर शेयर किए दूसरों से चैट करने का इंतज़ार कर रहे थे? अगर हाँ, तो आपको अभी थोड़ा और इंतज़ार करना होगा। दरअसल, मेटा (Meta) के स्वामित्व वाले प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप के आगामी ‘यूज़रनेम’ (Username Feature) को लेकर भारत सरकार और कंपनी के बीच चर्चा चल रही है। अब सरकार ने वॉट्सऐप को इस नोटिस का जवाब देने के लिए 3 दिन का और समय (Extension) दे दिया है।

क्या है पूरा मामला?

हाल ही में भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने वॉट्सऐप को एक नोटिस भेजा था। इस नोटिस में वॉट्सऐप के नए यूज़रनेम फीचर पर चिंता जताई गई थी। मूल रूप से वॉट्सऐप को अपना जवाब 3 जुलाई तक देना था, लेकिन कंपनी ने थोड़ा और समय माँगा, जिसके बाद सरकार ने उन्हें 3 दिन की मोहलत और दे दी है।

इस बीच, वॉट्सऐप के एक डेलिगेशन (प्रतिनिधिमंडल) ने सरकारी अधिकारियों से मुलाकात की और साफ किया कि जब तक सरकार के साथ बातचीत पूरी तरह से खत्म और संतुष्टिजनक नहीं हो जाती, तब तक भारत में इस फीचर को रोलआउट नहीं किया जाएगा।

सरकार को किस बात का है डर?

अभी वॉट्सऐप पर किसी से बात करने के लिए उसका फोन नंबर होना ज़रूरी होता है। लेकिन नए फीचर के आने के बाद लोग टेलीग्राम या सिग्नल की तरह सिर्फ एक यूज़रनेम (जैसे @YourName) बनाकर चैट कर सकेंगे।

चिंता की वजह: सरकार का मानना है कि फोन नंबर न दिखने की वजह से स्कैमर्स और अपराधियों को पहचानना मुश्किल हो जाएगा। इससे ऑनलाइन फ्रॉड, नकली पहचान (Impersonation) और आजकल चल रहे खतरनाक ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं।

वॉट्सऐप की सफाई: सुरक्षा के पूरे इंतजाम हैं

दूसरी तरफ, वॉट्सऐप का कहना है कि यह फीचर यूज़र्स की प्राइवेसी बढ़ाने के लिए है और इसमें सुरक्षा के कई लेयर्स दिए गए हैं। कंपनी के मुताबिक:

  • अकाउंट बनाने के लिए फोन नंबर फिर भी ज़रूरी रहेगा, बस वो दूसरों को दिखेगा नहीं।
  • सेलिब्रिटी, सरकारी संस्थाओं और बड़े नामों के यूज़रनेम पहले से ‘रिजर्व’ रखे जाएंगे ताकि कोई उनके नाम का नकली अकाउंट न बना सके।
  • अगर कोई अनजान यूज़रनेम आपको पहली बार मैसेज करेगा, तो वॉट्सऐप आपको बताएगा कि वो अकाउंट नया है या पुराना, और वो किस देश का है।

आगे क्या होगा?

भारत वॉट्सऐप के लिए 50 करोड़ से ज़्यादा यूज़र्स के साथ दुनिया का सबसे बड़ा बाज़ार है। ऐसे में कंपनी सरकार के नियमों को नजरअंदाज नहीं कर सकती। अब देखना यह होगा कि वॉट्सऐप अपने जवाब से सरकार को कितना संतुष्ट कर पाता है।

इस मामले की और अधिक बारीकियों और ऑरिजिनल रिपोर्ट को पढ़ने के लिए आप WhatsApp की आधिकारिक रिपोर्ट देख सकते हैं।

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